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Thursday, March 14, 2024

March 14, 2024

एंटी करप्शन टीम ने देवरिया में रजिस्ट्री ऑफिस के बाबू और मुंशी को घूस लेते दबोचा

देवरिया, निज संवाददाता। रजिस्ट्री का मूल दस्तावेज देने के नाम पर 15000 घूस लेते बाबू और प्राइवेट मुंशी को विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों को पुलिस ने सलेमपुर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। एंटी करप्शन की इस कार्रवाई से रजिस्ट्री और तहसील में हड़कंप मच गया।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के बरडीहा दलपत निवासी अवध किशोर सिंह ने करीब एक सप्ताह पहले सलेमपुर रजिस्ट्री ऑफिस में जमीन का बैनामा कराया था। वह बैनामा का मूल दस्तावेज लेने को रजिस्ट्री ऑफिस का चक्कर लगा रहे थे। ऑफिस के कनिष्ठ लिपिक ने मूल दस्तावेज देने को 15 घूस की मांग की। अवध किशोर सिंह ने दो दिन पहले इसकी शिकायत फोन करके गोरखपुर विजिलेंस को दी। इसके बाद से इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह के नेतृत्व में एंटी करप्शन की 14 सदस्य टीम गठित की गई। गुरुवार की दोपहर करीब 1 बजे दो वाहनों से एंटी करप्शन की टीम रजिस्ट्री ऑफिस के पास पहुंची। उनके इशारे पर अवध किशोर सिंह 15 हजार लेकर रजिस्ट्री ऑफिस में पहुंचे। कनिष्ठ लिपिक कमलेश प्रसाद तथा प्राइवेट दस्तावेज लेखक रामानंद से बातचीत करने के बाद उन्होंने 15 हजार घूस की रकम बाबू को दिया। पैसा लेते ही आस- पास मड़रा रही एंटी करप्शन टीम ने दोनों को दबोच लिया। टीम ने उनका हाथ धुलवाया तो पानी का रंग लाल हो गया। इसके बाद टीम दोनों को लेकर कोतवाली पहुंच मुकदमे की कार्रवाई शुरू कर दी।

Wednesday, February 14, 2024

February 14, 2024

जमीनी विवाद में फौजी ने 7 लोगों को मारी गोली, महिला की मौत, 6 गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

गोंडा में छपिया थाना क्षेत्र के महुलीखोरी गांव में गली में टिनशेड लगाने को लेकर हुई कहासुनी के दौरान एक फौजी ने पिस्टल निकाल ली और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं. फायरिंग में एक महिला की मौत हो गई और दूल्हा समेत सात लोग गंभीर रूप घायल हो गए.
पुलिस आरोपी फौजी समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. वारदात में प्रयुक्त पिस्टल जब्त कर गांव में फाेर्स तैनात की गई है. जानकारी के मुताबिक पड़ोसी के लड़के की बारात जानी थी. शादी समारोह की तैयारियां चल रही थीं. दूल्हे के घरवालों ने घर के पीछे तिरपाल घेरकर नहाने के लिए बनाया था. फौजी ने उसे हटाने के लिए कहा. इस पर उसका दूल्हे के घरवालों से झगड़ा हो गया. विवाद इतना बढ़ा कि उसने पिस्टल निकाल ली. इसके बाद ताबड़तोड़ 10 से 12 राउंड फायरिंग की. इसमें दूल्हे समेत 7 लोगों को गोली लग गई. सभी को आनन-फानन स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है. जहां एक महिला की मौत हो गई. इसके बाद डॉक्टरों ने घायलों को गोंडा जिला अस्पताल रेफर कर दिया है. यहां से 4 लोगों को लखनऊ रेफर कर दिया गया है.

Sunday, January 21, 2024

January 21, 2024

प्राण प्रतिष्ठा क्या होती है? जानिए इसकी विधि और महत्व

 (प्राण प्रतिष्ठा क्या होती है): पिछले कुछ दिनों से 'प्राण प्रतिष्ठा' शब्द के बारे में काफी सुनने को मिल रहा है। लेकिन ज्यादातर लोग इस बारे में नहीं जानते होंगे कि असल में प्राण प्रतिष्ठा होती क्या है और इसे क्यों किया जाता है।
धर्म गुरुओं की मानें तो मूर्ति स्थापना के समय प्रतिमा रूप को जीवित करने की विधि को प्राण प्रतिष्ठा कहते हैं। जिसमें प्राण शब्द का अर्थ जीवन शक्ति से होता है तो प्रतिष्ठा का मतलब स्थापना है। इस तरह से प्राण प्रतिष्ठा का मतलब हुआ जीवन शक्ति की स्थापना करना। पंडित सुजीत जी महाराज से जानिए मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा क्यों जरूरी है और इसकी विधि क्या है।

प्राण प्रतिष्ठा की विधि (Pran Pratishtha Vidhi)

पंडित सुजीत जी महाराज अनुसार सर्वप्रथम जिस देवी देवता की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। उसे गंगा जल व कम से कम 05 पवित्र नदी के जल से स्नान करवाते हैं। फिर साफ वस्त्र से मूर्ति को पोछते हैं। फिर प्रतिमा को नवीन वस्त्र धारण करवाते हैं। फिर मूर्ति को आसन पर विराजमान करके चंदन का लेप लगाते हैं। इसके बाद उसका विधिवत श्रृंगार होता है और निहित मंत्रोचार के बाद विधिवत शास्त्रवत वर्णित विधि से प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। प्राण प्रतिष्ठा के पहले उस मूर्ति का नगर में विधिवत यात्रा होती है। यह एक सामान्य विधि है। इसमें ज्योतिष व कर्मकांड के विद्वान पूरे नियम से प्राण प्रतिष्ठा करते हैं। भगवान का भोग लगाते हैं। हर देवता का पुष्प,अकच्छत, भोग अलग अलग होता है।

प्राण प्रतिष्ठा का महत्व (Pran Pratishtha Ka Mahatva)

बिना प्राण प्रतिष्ठा के मूर्ति की पूजा नहीं होती। जिस भी देवता या भगवान की प्राण प्रतिष्ठा होती है, वह विग्रह सीधे उस देवता या भगवान के जैसा उसी स्वरूप व एकदम वैसा ही आवतारिक स्वरूप हो जाता है। यह भगवान के साकार स्वरूप की उपासना पद्धति का श्रेष्ठतम तरीका है। मंदिरों में भगवान की प्रतिमा स्थापित करने से पहले उसकी प्राण प्रतिष्ठा जरूर की जाती है। कहते हैं ऐसा करने से मूर्ति में प्राण आ जाते हैं और वे पूजनीय हो जाती है।

Saturday, January 20, 2024

January 20, 2024

गायब ये अनोखी जड़ी बूटी, कीजिये शुरू सेवन करना और कुछ दिन में दिखेगा असर, जानिए इस बूटी के फायदे

लाखों बीमारी को करे जड़ से गायब ये अनोखी जड़ी बूटी, कीजिये शुरू सेवन करना और कुछ दिन में दिखेगा असर, जानिए इस बूटी के फायदे इस जड़ी बूटी का नाम दालचीनी है। जो मसालों में भी इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल किया जाता है और सबसे ज्यादा किया जाता है। लाखों बीमारी को करती है दूर ये जड़ी बूटी।

जानिए इस जड़ी बूटी के फायदे

  1. एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरा
  2. एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल होती है दालचीनी 
  3. एंटी-वायरल गुणों से भरपूर
  4. टाइप-2 डायबिटीज़ का जोखिम कम करती है
  5. ब्लड प्रेशर को मैनेज करती है 
  6. दिल की बीमारी से बचाव करती है 
  7. कैंसर से बचाव कर सकती है।
  8. यह भी पढ़े 3 साल में 1 बार आता है ये फल, इस फल के सेवन से बिजली की तरह आयेगी आपकी जवानी, जानिए इस अनोखे फल…
कैसे की जाती है खेती
दालचीनी एक साल आधारित फसल है। इस फसल की खेती करने के लिए इसके लिए कम से कम 250 से 300 km की दुरी होना अति जरूरत है। दालचीनी पौधे के लिए लैटेराइट, रेतीली तथा बलुई दोमट मिट्टी में इस फसल की खेती अच्छी होती है है। दालचीनी की खेती के लिए पौधे लगाने से पहले खेत की अच्छी तरह जुताई करना चाहिए और उसके बाद गड्ढो की खुदाई करना चाहिए।
कितना होगा मुनाफा
अगर इस दालचीनी के प्रॉफिट की बात करे तो आपको लाखों में होगा प्रॉफिट दालचीनी महंगी हो या सस्ते हर कोई इस दालचीनी को खरीदता है ये एक ऐसा दालचीनी है जो की तरह तरह की चीजे में मिला के बनाया जाता है और अगर आप इस दालचीनी की खेती करते है तो आपको कई गुना मुनाफा देखने को मिलेगा। आप इस दालचीनी की खेती एक एकड़ में भी कर सकते है आपको एक एकड़ में कम से कम 40 से 50 हजार का मुनाफा होगा। अगर बात करे दालचीनी की कीमत की 23000 रूपये किलो है।

Tuesday, December 26, 2023

December 26, 2023

क्या आप जानते हैं कि कब, कैसे और कहाँ हुई टाई की उत्पत्ति?

सही मायने में लुईस द ग्रेट ने इसकी शुरुआत 1646 के आसपास की. प्रोटेस्टेंट और कैथोलिको सैनिकों के बीच पहनावे को लेकर कोई अंतर न था. तभी अलग पहचान के लिए लुई चौदहवें यानि लुई-द ग्रेट ने गले में टाई बांधनी शुरू की, और देखते ही देखते समूचे फ्रांस ने इस वेशभूषा को अपना लिया.
हालांकि टाई पहले भी पहनी जाती थी, 
दुनिया भर में पुरुषों की पोशाक में नेकटाई (Necktie) का एक विशेष स्थान है। विभिन्न स्थानों में इसका उपयोग आज अनिवार्य रूप से किया जाने लगा है। वर्तमान में इसका उपयोग केवल किसी व्यावहारिक उद्देश्य के लिये ही नहीं किया जा रहा बल्कि सजावटी उद्देश्य के लिये भी किया जा रहा है। हज़ारों वर्षों से टाई विभिन्न रूपों में अस्तित्व में रही है। प्राचीन मिस्र में टाई का उपयोग चार हज़ार साल पूर्व से किया जा रहा है। पुरातत्वविदों के अनुसार मिस्र में ममियों (Mummies) के गले में भी टाई को ताबीज़ के रूप में पहनाया जाता था। ओशियनिया (Oceania) में अमेज़न के आदिवासी बहुत कम कपड़े पहनते थे लेकिन उनके जीवन में भी गले के वस्त्रों का बहुत विशेष स्थान था। कहा जाता है कि नेकटाई की शुरूआत यूरोप में तीस साल के युद्ध की उथल-पुथल के दौरान हुई। उस समय इसका उपयोग स्कार्फ (Scarves) के रूप में किया गया। इन स्कार्फ का उपयोग सम्मान के प्रतीक के रूप में केवल सैनिक ही किया करते थे। उस समय आम जनता को इसे पहनने की अनुमति नहीं थी। इन स्कार्फ का उपयोग सबसे पहले टेराकोटा वारियर्स (Terracotta Warriors) ने किया था। बौद्धकाल में भी टाई का प्रचलन काफी अधिक प्रचलित था। टाई का आविष्कारकर्ता क्रोट्स (Croats) को माना जाता है। क्रोट (Croat) शब्द ह्र्रवात (hrvat) से उपजा है, जो अंततः क्रैवेट (Cravat) में विकसित हुआ।

Saturday, November 25, 2023

November 25, 2023

Malti Chauhan:यूट्यूबर मालती चौहान की आखिर कैसे हुई मौत,जांच में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

मालती चौहान को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ दिन से काफी चर्चा बना हुआ था सोशल मीडिया फेसबुक, यूट्यूब, ट्विटर, इंस्टाग्राम, तमाम जगहों पर मालती चौहान की शादी को लेकर काफी वीडियो वायरल हो रही थी वही मालती चौहान का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें रो रही है और कह रही है की मुझे अब जीना नहीं है। मालती चौहान उत्तर प्रदेश और बिहार में काफी चर्चित यूट्यूबर थी जिस वजह से यूट्यूब पर वीडियो बनाने वाले लोगों में सनसनी फाइल गई वही जैसे ही लोगों को यह पता चली की मालती चौहान की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई है उसके घर के बाहर लोगों का ताता लग गया ।

मालती चौहान की मौत की खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया वहीं अन्य कानूनी कार्रवाई करने के लिए जांच में जुटी हुई है सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए लोगों को काफी समय लग जाता है लेकिन मालती चौहान कम समय में सोशल मीडिया पर बहुत चर्चित चेहरा बन गई थी लेकिन सोशल मीडिया पर मालती चौहान और उसके पति विष्णु को लेकर कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें बताया जा रहा था दोनों में किसी बात को लेकर विवाद चल रहा है था,। वही एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें विष्णु मालती चौहान की शादी अर्जुन नामक व्यक्ति से कर दिया जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर है ।

Tuesday, October 24, 2023

October 24, 2023

एन आर एल एम का कर्मचारी संघ का चुनाव हुआ सम्पन्न

लियाकत अध्यक्ष श्री प्रकाश विश्वकर्मा महासचिव अजीत यादव कोषाध्यक्ष बने
    जनपद देवरिया में कार्यरत जिला मिशन प्रबंधक, ब्लॉक मिशन प्रबंधक व कंप्यूटर ऑपरेटर को मिलाकर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कर्मचारियों के संगठन का पुनर्गठन हुआ। 
     प्राप्त समाचारों के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन देवरिया में  जिला अध्यक्ष अनूप कुमार सिंह के अगुवाई में जनपद के समस्त कर्मचारियों का बैठक कर गठन किया गया जिसमें श्री अरविंद कुमार सिंह जिला मिशन प्रबंधक को सरक्षक ,अनूप कुमार सिंह संयोजक, लियाकत अहमद अध्यक्ष, रोशन लाल भारती, अमिता बरनवाल, सत्यवान चौरसिया, महाराणा प्रताप को उपाध्यक्ष, श्री प्रकाश विश्वकर्मा को महासचिव, अजीत यादव को कोषाध्यक्ष, रोशन लाल भारती भारतेंदु पाण्डेय और कमल कुशवाहा को सहसचिव, आनंद भा्भैरव को प्रवक्ता, अमित वर्मा को सासंयोजक, चंदन कुमार राम को संगठन मंत्री, वाजिद अख्तर को विधि सलाहकार के रूप में निर्वाचन हुआ। नवगठित समिति को सभी कार्मिकों ने बधाई दिया और उम्मीद व्यक्ति की कर्मियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को यह संगठन उच्च स्तर पर ले जाएगा और दुर्व्यवहार को खत्म कराएगा।